सिर्फ नाम और मोबाइल काफी है। बाकी आप जब चाहें तब बताएँ।
साहूकार, बैंक, दोस्त — किसी से भी।
दो रास्ते हैं।
कोई भी जवाब सही है। बस सच्चाई से बताइए — मैं आपकी मदद के लिए हूँ।
कोई भी सवाल लिखें — पैसों, बैंक, ब्याज, बचत — कुछ भी। हम कोशिश करेंगे।
हम पर भरोसा दिखाने के लिए बहुत शुक्रिया। मैं आपका दोस्त हूँ — कभी भी मदद चाहिए, बिना झिझक इस ऐप पर आइए।
एक चुनिए — हम उसी पर बात करते हैं।
हर महीने का अनुमान बताइए। सही जवाब से ही सही सलाह मिलेगी।
तो फिर ब्याज क्यों नहीं दिया? क्या पैसों की कहीं और ज़रूरत है?
बताइए — क्या आपके पास कोई नई आमदनी का तरीका है? (कोई नया काम, साथ का काम, मेहनताना)
कभी-कभी पुराने रिश्ते से ही समाधान निकल आता है।
पहले जिनसे पैसे लिए थे, उनसे अपनी तकलीफ बताइए। उनसे विकल्प पूछिए — किस्त छोटी हो सकती है, समय बढ़ सकता है। अगर बात न बने, तब किसी NGO से मिलिए।
M3M फ़ाउंडेशन ज़रूरतमंद परिवारों की वित्तीय और आजीविका में मदद करता है। इनसे जल्द संपर्क कीजिए।
CSR arm of M3M India — financial inclusion, livelihood, women empowerment
अभी आपकी आमदनी में और लोन लेना सही नहीं होगा।
सही जगह से सही लोन लें — यही पहली समझदारी है।
हर महीने जो बच जाता है, उसी से हम सुरक्षित अधिकतम लोन निकालेंगे।
अगर आप चाहें, हम सीधे बात कर सकते हैं — एक काउंसलर आपकी समस्या समझेगा और बैंक/NGO के साथ रास्ता निकालेगा।